दिल्ली जंतर-मंतर Protest के बाद दिल्ली पुलिस ने दि थाने में सख्त सज़ा | Hindi Police Punishment Stories
Hindi Police Punishment Stories में आप लोग पढ़ें कि कैसे दिल्ल के जंतर-मंतर Protest के बाद दिल्ली पुलिस ने 3 लड़कियों को दि थाने में सख्त सज़ा
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दिल्ली जंतर-मंतर Protest के बाद दिल्ली पुलिस ने दि थाने में सख्त सज़ा | Hindi Police Punishment Stories
दिल्ली के जंतर मंतर का प्रोटेस्ट खत्म हो चुका था। दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट से उन लड़कियों को पहचान लिया था जो पत्थरबाजी कर रही थीं और पुलिसवालों पर हमला कर रही थीं। तीन लड़कियों को रात में पकड़कर एक ही थाने में लाया गया।
तीनों लड़कियाँ...
1 - शिमी - उम्र (21) – गोरी, भरी जांघें, मोटे गोल नितंब
2 - प्रिया - उम्र (22) – गोरी, लंबी टांगें
3 - नेहा - उम्र (23) – सांवली, गठीली बॉडी
थाने की SHO मीना शर्मा थीं
और 26 साल की बहुत सख्त और तगड़ी महिला। उनके साथ दो महिला कांस्टेबल खड़ी थीं।
और तीनों लड़कियों को एक बड़े कमरे में खड़ा किया गया। मीना मैडम ने टेबल पर हाथ मारते हुए कहा पत्थरबाजी की? पुलिस पर हाथ उठाया? आज तुम तीनों को ऐसी सज़ा मिलेगी कि उम्र भर याद रहेगी।
फिर मुँह पर थप्पड़
सबसे पहले शिमी के पास गईं। और थप्पड़!!! मारे और जोरदार थप्पड़ शिमी के मुँह पर पड़ा और गाल तुरंत लाल हो गया। और शिमी के मू से आवाज आई “आह!”
फिर प्रिया को भी मुँह पर जोरदार थप्पड़ मारा फिर नेहा को तीनों के गाल जल रहे थे और आँखों में आँसू आ गए थे।
फिर मेडम बोली कि“कपड़े उतारो। सब तीनों ने काँपते हाथों से कपड़े उतारे। सलवार, कमीज़, ब्रा, पैंटी… सब कुछ नीचे गिर गया। कुछ ही देर में तीनों पूरी तरह नंगी खड़ी थीं। शर्म से उनके चेहरे लाल हो चुके थे। उनके नितंब थाने की रोशनी में साफ दिख रहे थे।
अब तिनो मुर्गा बनो।
और हम तीनों घुटनों के बल बैठ गईं। हाथ कानों पर, सिर नीचे, नितंब ऊपर। अब तीनों की नंगी गाँड एक साथ उभरकर दिख रही थीं। फिर मीना मैडम ने मोटा लेदर का पट्टा उठाया।
चटाक!!!
और पहला वार शिमी की गाँड पर पड़ा “आआआह!!!” और शिमी चीख उठी।
और फिर प्रिया पर। फिर नेहा पर बारी-बारी तीनों पर पट्टा बरसने लगा। हर वार पर तेज़ आवाज़ और गहरी जलन। तीनों रोने और चीखने लगीं। गाँड तेजी से लाल होने लगे।
SHO मेडम :-
गिनती करो! और बोलो – ‘मैंने पुलिस पर पत्थर फेंके, मुझे सज़ा मिलनी चाहिए’! और तीनों रोते हुए गिन रही थीं। पट्टा लगातार पड़ रहा था।
SHO मेडम :-
शिमी को टेबल पर लिटाओ।
फिर दो कांस्टेबलों ने शिमी को उठाया और टेबल पर पेट के बल लिटा दिया। उसके दोनों हाथ आगे खींचकर कसकर पकड़ लिए। अब शिमी की नंगी गाँड पूरी तरह तनकर ऊपर थी। फिर मीना मैडम ने पट्टा ऊँचा उठाया।
चटाक!!! चटाक!!! चटाक!!!
वार बहुत जोर से पड़ रहे थे।
और शिमी जोर-जोर से चीख रही थी। आँसू टेबल पर गिर रहे थे। उसकी गाँड तेजी से लाल से बैंगनी होती जा रही थी। हर वार पर उसका शरीर उछल रहा था, लेकिन कांस्टेबलों ने हाथ नहीं छोड़ें।
शिमी:-
आआआह… मैडम… बहुत दर्द… माफ कर दो…
आааह!!!”
और लगभग 30-50 पट्टे के बाद शिमी की गाँड पूरी तरह सूज चुकी थी।
SHO मेडम :-
अब प्रिया को टेबल पर लाओ।
और फिर कांस्टेबलों ने प्रिया को उठाया और उसी टेबल पर लिटा दिया। हाथ आगे खींचकर पकड़ लिए फिर मीना मैडम ने फिर पट्टा चलाया।
चटाक ! ! ! चटाक ! ! ! चटाक ! ! !
प्रिया भी जोर से चीखने लगी। उसकी गोरी त्वचा पर गहरी लाल धारियाँ बन रही थीं। वो रो-रोकर माफी माँग रही थी, लेकिन पट्टा रुक नहीं रहा था। हर वार के साथ उसकी गाँड और सूज रही थी।
आआह… मैडम… दर्द सह नहीं पा रही… आааह!!! 30-50 पट्टे के बाद प्रिया की हालत भी शिमी जैसी हो गई।
SHO मेडम :-
अब आखिरी… नेहा को टेबल पर लिटोऔ
और फिर नेहा को भी टेबल पर लिटाया गया। हाथ पकड़ लिए गए मीना मैडम ने पट्टा और जोर से मारा।
चटाक ! ! ! चटाक ! ! ! चटाक ! ! !
और नेहा की चीख सबसे तेज़ थी। सांवली त्वचा पर भी लाल-बैंगनी निशान साफ उभर आए। वो बिलख-बिलख कर रो रही थी। कांस्टेबल उसके हाथ कसकर पकड़े हुए थे ताकि वो हिल न सके “आआआह… छोड़ दो… बहुत जलन हो रही है… आааह!!!”
और नेहा को भी लगभग उतने ही पट्टे मारे गए। अब तीनों की गाँड एक जैसी सूजी हुई, लाल-बैंगनी और निशानों से भरी हुई थीं। और फिर मीना मैडम ने कहा “अब तीनों उठक-बैठक करो। नंगे। 50-50।
तीनों मुश्किल से खड़े हुए। हर बार बैठते समय सूजी हुई गाँड पर दबाव पड़ता और तेज़ दर्द होता। आँसू बह रहे थे, साँस फूल रही थी। जो भी धीरे करता, पट्टा फिर चल पड़ता तीनों रोते हुए मुश्किल से 50 पूरे कर पाए और मीना मैडम ने तीनों को फिर मुर्गा बनाया और आखिरी 10-10 पट्टे और मारे। अब चीखें और भी कमजोर लेकिन दर्द भरी थीं। तीनों लगभग टूट चुकी थीं।
और आखिर में मीना मैडम ने पट्टा टेबल पर रखा
और कहा आज की सज़ा खत्म। याद रखना… अगर फिर कभी पुलिस के सामने पत्थर उठाया तो अगली बार सज़ा भारी मिलेगी समझीं? औल हम तीनों सिर झुकाए, आँसू भरी आँखों से सिर्फ हामी भर पाईं। उनके नितंब बुरी तरह जल रहे थे और सूज रहे थे। कपड़े पहनते समय भी दर्द हो रहा था तीनों लंगड़ाते हुए, सिसकते हुए थाने से बाहर निकलीं। हर कदम पर गाँड में तेज़ दर्द हो रहा था।
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